संदेश

2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

एक बार.....

रैंडम कॉल्स......

समोसे नहीं खाता।।।

कैसे हो।

मेरे फोन का एक कांटेक्ट .......

जब संवेदनाएं शून्य हो जाती हैं ||||||||||||||||||||||||||

तुम्हारे समय में ---

सड़क की टिमटिमाती लाइटे|||||||||||

मैं धीरे धीरे तुमसे...............

तुम देखना

तुम

जब तुम आना

काम ही तो है ये.............

सुकून मिलता है

क्यूंकि यही कुछ उम्मीद है जो अब बंकि हैं तुमसे ..............

तुम थोड़ी कम हो गयी हो

वो रात समेटनी हैं

कुल्हड़ भर चाय

मैं और मुझमें बहस

मैं उसे छू भी न सका

अब थक गयी हूं

बस अच्छी लगती हो

मुझको पूरा खंगाल लेना

वहां उस कमरे में अब मैं नहीं रहता ।।।।।।।।।

मेरे खिड़की से चांद नज़र आता है

नारी

दाहिने तरफ़ के कमरे में कुछ बदल गया है जैसे।.

मेरे बिस्तर में रह गयी हो ।

एक और दिन बीत गया शाम के ढले बग़ैर।।।।।।

आज आख़िरी शाम ढल गयी।।।