संदेश

मई, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मेरे फोन का एक कांटेक्ट .......

जब संवेदनाएं शून्य हो जाती हैं ||||||||||||||||||||||||||

तुम्हारे समय में ---

सड़क की टिमटिमाती लाइटे|||||||||||

मैं धीरे धीरे तुमसे...............

तुम देखना

तुम

जब तुम आना

काम ही तो है ये.............

सुकून मिलता है

क्यूंकि यही कुछ उम्मीद है जो अब बंकि हैं तुमसे ..............