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तुम्हारी हर अदा

शहर..

चल कहीं सांस लेकर आते हैं।

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एक कहानी बन जाती न

कितनी खूबसूरत यादें हैं न

चार और साल

कहानी बन जाती न

ये तुम हो की मैं हूँ