एक बार.....

दांत पीसती गुस्से में जो मर्जी बोलती,
चुप हो जाती, चिल्लाती जितना हो सकता था लड़ लेती …

एक बार कॉल तो कर लेती ।।।

मेरी मत मानती, मेरी गलती बताती,मुझे खूब सुनाती,
मुझ पर अपना हक समझ कर कम से कम एक बार अपनी बात पर अड़ लेती।।।।

एक बार कॉल तो कर लेती

अक्सर तुम्हारी तस्वीर निकाल कर देखता हूं तो सोचता हूं तुम कभी पूछोगे कौन सी वाली नेल पॉलिश,काजल या बिना काजल लाल या काली बिन्दी।।।।फ़िर मुस्कुरा कर सोचता हूं,
काश मेरे लिए एक बार फ़िर वैसे ही सँवर लेती….

एक बार कॉल तो कर लेती ।।।।

हर बार की तरह जाने दो कह कर मुझे शिकवों से निकाल कर होठों पर भर लेती……
एक बार कॉल तो कर लेती।।।

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