अब थक गयी हूं
अब थक गयी हूँ मैं।।।।
प्यार की तालाश में, एक किसी की आस में
धुंध में भटकते हुए, हर मोड़ पर अटकते हुए।।।
हर चेहरे में वो चेहरा ढूंढते हुए, खुद के लिए एक पहरा ढूंढते हुए।।।
तुमको तलाशते खुद को तराशते ।।।।।।।।।
अब थक गयी हूँ मैं।।।।।।।
न जाने क्यूँ अब मैं रूठी रहती हूं ,
वक़्त बेवक़्त टूटी रहती हूं।।।।
ज़रा सी बात पर उखड़ जाती हूं।।।
हर रात सिसकते हुए बिखर जाती हूं।।।।
तुमसे हर रोज़ लड़ते हुए.....
पता है तुम होगे नही फिर फिर भी तेरे इंतेज़ार में बैठी ।।।
अब थक गयी हूं…...................
प्यार की तालाश में, एक किसी की आस में
धुंध में भटकते हुए, हर मोड़ पर अटकते हुए।।।
हर चेहरे में वो चेहरा ढूंढते हुए, खुद के लिए एक पहरा ढूंढते हुए।।।
तुमको तलाशते खुद को तराशते ।।।।।।।।।
अब थक गयी हूँ मैं।।।।।।।
न जाने क्यूँ अब मैं रूठी रहती हूं ,
वक़्त बेवक़्त टूटी रहती हूं।।।।
ज़रा सी बात पर उखड़ जाती हूं।।।
हर रात सिसकते हुए बिखर जाती हूं।।।।
तुमसे हर रोज़ लड़ते हुए.....
पता है तुम होगे नही फिर फिर भी तेरे इंतेज़ार में बैठी ।।।
अब थक गयी हूं…...................

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